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Saturday, 4 April 2026

UP:- यूपी में टीजीटी और एलटी ग्रेड भर्ती के लिए TET अनिवार्य, HC का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह व्यवस्था दी है कि टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) और एलटी (असिस्टेंट टीचर) ग्रेड भर्ती के लिए अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा।

अब तक यूपी में केवल प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की भर्तियों के लिए ही टीईटी अनिवार्य था, जबकि टीजीटी और एलटी ग्रेड के लिए केवल संबंधित विषय में स्नातक और बीएड की डिग्री पर्याप्त मानी जाती थी। कोर्ट के इस फैसले ने भर्ती की पूरी प्रक्रिया और योग्यता मानकों को बदलकर रख दिया है।

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) द्वारा वर्ष 2011 और उसके बाद जारी किए गए दिशा-निर्देशों का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि एनसीटीई ने देशभर में शिक्षकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए टीईटी को एक अनिवार्य पात्रता माना है।

माध्यमिक विद्यालयों (कक्षा 9 से 12) के शिक्षकों के लिए भी टीईटी आयोजित करने की सिफारिश काफी पहले की जा चुकी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार एनसीटीई के मानकों की अनदेखी नहीं कर सकती।

इस फैसले का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारना और केवल योग्य अभ्यर्थियों को ही शिक्षण कार्य में लाना है।

इस फैसले से उत्तर प्रदेश के उन लाखों बीएड (B.Ed) डिग्री धारकों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा जो आने वाली टीजीटी और एलटी ग्रेड भर्तियों की उम्मीद लगाए बैठे थे। अब इन अभ्यर्थियों को न केवल मुख्य भर्ती परीक्षा की तैयारी करनी होगी, बल्कि उससे पहले टीईटी भी पास करना होगा।

इस नियम के लागू होने से भर्ती प्रक्रिया में एक और चरण जुड़ जाएगा, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी हो जाएगी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जो भर्तियां पहले से विज्ञापित हैं या प्रक्रियाधीन हैं, उन पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, लेकिन भविष्य की सभी भर्तियों के लिए यह नियम अनिवार्य है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को निर्देश दिया है कि वे अपनी भर्ती नियमावली में आवश्यक संशोधन करें और एनसीटीई के प्रावधानों के अनुरूप टीईटी को शामिल करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा छात्रों का मौलिक अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

इस आदेश के बाद अब शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही माध्यमिक स्तर के लिए टीईटी आयोजित करने के संबंध में नए दिशा-निर्देश या नोटिफिकेशन जारी किए जा सकते हैं।

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